लोकसभा चुनाव से पहले BJP को तगड़ा झटका, सांसद सावित्री बाई फूले ने पार्टी से दिया इस्तीफा, बोलीं- ‘समाज को बांटने की कोशिश कर रही है बीजेपी’

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BJP MP Savitribai Phule resign
BJP MP Savitribai Phule resign

सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को 2019 के आम चुनाव से पहले ही तगड़ा झटका लगा है। दरअसल, अपने बयानों से अपनी ही पार्टी के सामने अक्सर मुश्किल खड़ी करने वाली उत्तर प्रदेश के बहराइच संसदीय क्षेत्र से बीजेपी की दलित सांसद सावित्री बाई फुले ने गुरुवार (6 दिसंबर) को पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफा देने के साथ ही उन्होंने भाजपा पर एक बार फिर से हमला बोला।

समाचार एजेंसी ANI के मुताबिक, बीजेपी छोड़ने के ऐलान पर सांसद सावित्री बाई ने पार्टी पर आरोप लगाते हुए कहा कि, बीजेपी समाज को बांटने की कोशिश कर रही है।

NBT की रिपोर्ट के मुताबिक, यूपी के बहराइच से सांसद फुले ने इस्तीफा देने के साथ ही बीजेपी पर आरोप लगाया कि बीजेपी समाज में बंटवारे की साजिश कर रही है। इस दौरान फुले ने दो टूक कहा कि जब तक वह जिंदा हैं, दोबारा बीजेपी में वापस नहीं लौटेंंगी। साथ ही उन्होंने यह भी साफ किया कि अपने कार्यकाल तक वह सांसद बनी रहेंगी।

लखनऊ में आयोजित एक प्रेसवार्ता में इस्तीफे के ऐलान के साथ ही फुले ने बीजेपी और आरएसएस पर जमकर हमला बोला। फुले ने कहा, ‘बीजेपी दलितों के विरोध में है। बाबा साहेब की प्रतिमा पूरे देश में कई जगह तोड़ी गई लेकिन तोड़नेवालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। बार-बार बीजेपी के बड़े नेता संविधान बदलने की बात कहते हैं लेकिन आज तक प्राइवेट सेक्टर में एससी-एसटी के लिए आरक्षण लागू करने का वादा नहीं निभाया गया।’

केंद्र की मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए सांसद ने कहा कि काला धन विदेश से वापस लाने का वादा भी पूरा नही किया गया। मंदिर-मस्जिद का खौफ दिखाकर आपसी भाईचारा खत्म किया जा रहा है। फुले ने आरोप लगाया कि दलित सांसद होने की वजह से उनकी कभी बात नहीं सुनी गई और हमेशा उपेक्षा की गई।

गौरतलब है कि, बीजेपी सरकार के सत्ता में आने के बाद से देश में सांप्रदायिक माहौल में बड़ोतरी हुई है। ताजा मामला बीजेपी शासित यूपी के बुलंदशहर का है। जहां योगी सरकार के शासन में सोमवार (3 नवंबर) को गौकशी के शक में हिंसा भड़क गई थी। हिंसा में स्याना के थाना प्रभारी सुबोध कुमार सिंह और एक 20 वर्षीय युवक सुमित कुमार की मौत हो गई।

इसके बाद भी हिंसक भीड़ का गुस्सा नहीं थमा और प्रदर्शनकारियों ने कई वाहनों में आग लगा दी।  खास बात तो यह है कि, घटनास्थल के पास में ही मुस्लिम समुदाय का एक धार्मिक कार्यक्रम चल रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग मौजूद हैं। बता दें कि, यूपी पुलिस ने बुलंदशहर हिंसा को साफ तौर से एक साजिश करार दिया है।  जिसके बाद पुलिस जांच में जुट गई है।

वहीं, इस घटना के बाद योगी सरकार विपक्ष के निशाने पर आ गई है। हाल ही में योगी आदित्यनाथ सरकार में कैबिनेट मंत्री और बीजेपी की सहयोगी पार्टी भारतीय समाज पार्टी (सुहेलदेव) के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने बुलंदशहर हिंसा को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए कहा है कि उनके लोग दंगा भडका रहे हैं जबकि वह शांति का प्रयास कर रहे हैं।