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तिहाड़ जे’ल में बंद 100 हिन्दू कै’दी रखेंगे रोजे बताई यह वजह

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1400 साल पुरानी परंपरा काे निभा रहे हैं कैदी
Ramzan roza in Jail

Ramzan roza in Jail

धार्मिक-सामाजिक संगठनों को मुलाकात की छूट जेल प्रशासन ने धार्मिक व समाजसेवी संगठनों को नमाज और रोजा इफ्तार के लिए कैदियों से मिलने की अनुमति दे दी है. इसके मद्देनजर सुरक्षा का खास बंदोबस्त किया गया है. दिल्ली में तिहाड़, रोहिणी और मंडोली जेल हैं. रोजा के दौरान पौ फटने से पहले किया जाने नाश्ता सहरी कहलाता है. इससे रोजेदारों को पूरे दिन भूखे-प्यासे रहकर व्रत रखने में सहूलियत होती है. सहरी में ज्यादातर कैदी रोटी, सब्जी, फल, दही, चाय ले रहे हैं.
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1400 साल पुरानी परंपरा काे निभा रहे हैं कैदी वहीं, सूर्यास्त के समय रोजा इफ्तार की व्यवस्था होती है. इफ्तारी से पहले नमाज अदा की जाती है. मुस्लिम समुदाय के लोग 1400 साल से चले आ रहे पारंपरिक तरीके से इफ्तार करते हैं. इस दौरान वे सबसे पहले खजूर और पानी पीते हैं. इसके बाद खाना खाते हैं.
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